BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर सर्वोच्च न्यायालय को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं : आदित्य वर्मा

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Pic Source : mid-day
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रविवार को गैर मान्यता प्राप्त बिहार क्रिकेट बोर्ड के सचिव आदित्य वर्मा ने कहा हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर सर्वोच्च न्यायालय को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं | सचिव आदित्य वर्मा ने एक वक्तव्य जारी कर कहा हैं कि अनुराग यह कहकर सर्वोच्च न्यायालय और खेल प्रशासन में सुधार के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित लोढ़ा समिति को यह कहकर मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि बोर्ड संबद्ध राज्य खेल संघों को सुधार अपनाने के लिए बाध्य करने में अक्षम हैं |

देश में क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए आदित्य सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका में मुख्य याचिकाकर्ता के रूप में हैं | मामले पर फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय बीसीसीआई और उससे संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए पहले ही कह चुका है |

3 नवंबर तक सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई को समिति की सिफारिशें लागू करने के संबंध में शपथ-पत्र देने को कहा था | ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ के मुताबिक, शनिवार को बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इसके बाद लोढ़ा समिति के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश की, हालांकि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राज्य क्रिकेट संघों ने समिति द्वारा सुझाई गई सारी सिफारिशें मानने से इनकार कर दिया है |

इस पर बिहार क्रिकेट बोर्ड के सचिव आदित्य वर्मा ने कहा हैं की, “बीसीसीआई का यह तर्क पूरी तरह बकवास है | वहीं दूसरी ओर बीसीसीआई एक निजी लेखा कंपनी डेलोइटे द्वारा राज्य क्रिकेट संघों पर तैयार रिपोर्ट छिपा रही है |”

सचिव आदित्य वर्मा ने कहा हैं की, “समिति को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बीसीसीआई दोहरी बातें कर रहा है | एक तरफ तो वे सुधार की सिफारिशें लागू करने में असमर्थता जाहिर करते हैं और दूसरी ओर डेलोइटे की रिपोर्ट छिपा रहे हैं | यह न्याय व्यवस्था के लिए शर्मनाक है | अगर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति की सिफारिशों को लागू नहीं करवाया जा सका, तो देश में गलत प्रवृत्ति शुरू हो जाएगी |”

आदित्य ने कहा की, “मेरा लोढ़ा समिति से विनम्र निवेदन है कि मामले पर सर्वोच्च अदालत में एक स्थिति रिपोर्ट पेश करें और बीसीसीआई अधिकारियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग करें |”

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