वीरेंद्र सहवाग की चाह थी की करुण नायर उनके 319 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ें

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ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच ब्रिस्बेन में खेला गया पहला टेस्ट मैच काफी रोमांचक था और साथ ही इस मैच ने टेस्ट क्रिकेट को काफी उम्मीदें भी दीं | यह मैच सोमवार को दिनभर चर्चा का विषय बना हुआ था | लेकिन शाम होते-होते टीम के बल्लेबाज करुण नायर ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया |

303 रनों की बेहतरीन पारी खेलते हुए नायर तिहरा शतक लगाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं | इसके पहले वीरेंद्र सहवाग ही एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे जिन्होंने तिहरा शतक लगाया था | दो बार तिहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड सहवाग के नाम है | पहले पाकिस्तान के खिलाफ और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सहवाग ने 300 रनों की शानदार पारी खेली थी | तीसरी बार भी सहवाग तिहरे शतक के काफी करीब थे और श्रीलंका के खिलाफ 293 रन बनाकर सहवाग मैदान से बाहर हो गए थे |

चेन्नई में बल्लेबाज नायर नेअपना तिहरा शतक लगाया और अपने पहले ही शतक को तिहरे में बदलने वाले दुनिया के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बन गए | नायर से पहले इस कारनामे को गैरी सोबर्स और बॉब सिम्प्सन अंजाम दे चुके थे | नायर ने अपने तिहरे शतक की बदौलत भारत ने अपने टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 759 रन बनाया और इसी के साथ ही पांचवें टेस्ट में भारत मजबूत स्थिति में भी पहुच गया हैं |

इससे पहले इंग्लैंड ने भारत को साल 2011, 2012-13 और 2014 में मात दी थी | लेकिन भारत इस टेस्ट सीरीज में सीरीज को पहले ही अपने नाम कर चुका है | बल्लेबाज करुण नायर के तिहरा शतक जड़ते ही वीरेंद्र सहवाग ने भी ट्वीट कर कहा की, “300 रनों के क्लब में आपका स्वागत है करुण नायर, क्लब में मैं 12 साल और 8 महीनों से एकदम अकेला था | मजा आ गया, करुण भविष्य के लिए शुभकामनाएं |”

इसी के साथ सहवाग चाहते थे कि नायर उनके 319 रनों के रिकॉर्ड को भी तोड़ें जो उन्होंने भी चेन्नई के मैदान पर ही बनाया था | टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज़ सहवाग ने मुम्बई मिरर से बात करते हुए कहा की, “मैं उम्मीद करता हूं कि वह अगली बार मेरे 319 रनों के रिकॉर्ड को तोड़े क्योंकि रिकॉर्ड बनते ही तोड़ने के लिए हैं | 300 रनों के क्लब में मैं 12 साल और 8 नहीनों से अकेला था और इसी इंतजार में था कि कब कोई भारतीय मुझे आकर ज्वॉइन करे |”

जब रणजी ट्रॉफी में करुण नायर ने तिहरा शतक लगाया था तो सहवाग ने उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखा था और उसी के बाद से सहवाग की उम्मीदें उनसे बढ़ गईं थीं | आगे सहवाग ने कहा हैं कि, “करियर में इतनी जल्दी इतनी बड़ी पारी खेलना ‘सोने पर सुहागा’ जैसा है, ऐसा करके आप बहुत जल्दी दूसरों की नजरों में आ जाते हैं | फिर चाहे वो अपनी टीम हो या फिर विरोधी टीम | लोग आपकी तरफ उम्मीदों भरी नजरों से देखने लगते हैं और आपको सब लंबी रेस का घोड़ा समझने लगते हैं |”

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